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उदय सिंह उचित सीमा नरकमेंलेजाताहैअंहकारकाद्वार।जीतसकोतोजीतलोसंस्कारसेसंसार। कुछ भी न चाह सीमित अल्कोहल सम द्रष्टा जरूरत तत्परता इच्छाएं भाई बहन सुरक्षित देवी सम पूज्य प्रकृति सारा ही संसार अमृत है औषधि में सबकी रक्षा के हित चिंता चिता के समान है घातक धाय मां पन्ना सरित सम

Hindi अनियंत्रित विष सम Quotes